बैंक खातों की लिमिट में फंसी आवासों की किस्त .

हिला संताटात " मअिभियान चलाकर अवैधमाखात पीलीभीत लोगों को बैंकिंग सविधा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने अभियान चलाकर जनधन खाते खोले। इन खातों में धनराशि जमा करने की लिमिट 50 हजार रखी ताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा मिल सके। अब प्रधानमंत्री आवास के चयनित लाभार्थियों को दूसरी किस्त मिलने में यह खाते रोडा बन गए है। जनधन खाते की लिमिट 50 हजार रुपये है जबकि प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किस्त 70 हजार रुपये है। इसके चलते दसरी किस्त बैंक लिमिट के झमेले में फंसकर रह गई है। बेस लाइन सर्वे के हिसाब से जिले की सभी सात ब्लॉक में 10983 लाभार्थी ऐसे है जिनका प्रधानमंत्री आवास के लिए चयन हआइन लाभार्थियों को पहली व दूसरी किस्त भी मिल चुकी हैं, जिससे उन्होंने अपनी आवासों की आवासों की किस्त नांव भरवा लीकई लाभार्थियों पाहाकवहाकिस्त हजार रुपये नींव भरवा ली। कई लाभार्थियों की दूसरी किस्त उनके जनधन खाते में इसलिए जमा नहीं हो पाई कि यह किस्त 70 हजार रुपये है जबकि जनधन खाते में मात्र 50 हजार रुपये ही जमा किए जा सकते है। पिछले दिनों बीसलपुर, पूरनपुर, अमरिया, माधोटांडा, मरौरी, बिलसंडा ब्लॉक के करीब तीन दर्जन से अधिक लाभार्थियों के खाते में आवास की दूसरी किस्त नहीं ट्रांसफर करने का मामला संज्ञान में आया था। कई लाभार्थियों ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर भी की थीइसके बाद सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित कर उनके खाते साधारण में परिवर्तित कराने के निर्देश जारी किए गए। जिससे लाभार्थियों की दूसरी किस्त खाते में ट्रांसफर हो सके अमरिया, बीसलपुर और शौचालयों का किस्त लान में सके।अमरिया, बीसलपुर और बरखेड़ा ब्लॉक में कुछ मामले बड़े चौकाने वाले आए हैं। आवास व शौचालयों की किस्त लोन में समायोजित हो गई। इसके चलते बीडीओ को लखनऊ तक भागदौड करनी पड़ी। प्रधानमंत्री आवास व शौचालय के चयनित कई लाभार्थियों ने बैंक लोन ले रखा है। हर महीने उनके खाते से किस्त कटती है। पिछले दिनों लाभार्थियों के खाते में आवास व शौचालय की किस्तें भेजी गई थी। इस दौरान बैंक द्वारा लोन की धनराशि खाते से डेबिट कर ली गई ।सभी ब्लॉक के बीडीओ को लाभार्थियों की केवाईसी (पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड) देकर खाते को जनधन से सामान्य में परिवर्तित कराने के निर्देश दिए गए थे।लगभग सभी लाभार्थियों के खातों में दूसरी किस्त पहुंच गई है। अब कोई समस्या नहीं है।