दिल्ली और हरियाणा से आये प्रवासी श्रमिक बने चिता का सबब

 लखनऊ। दिल्ली और हरियाणा से हजारों की तादाद में उत्तर प्रदेश पहुंच चुके श्रमिक स्वास्थ्य और चिकित्सा विशेषज्ञों के लिये चिंता का सबब बने हुये हैं। किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी के कुलपति प्रो मदन लाल ब्रम्हा भट्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रवासी श्रमिक बड़ी चिंता का कारण है। ये श्रमिक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का भविष्य तय करेंगे। बाहर से आये श्रमिकों को अपने परिवार की सुरक्षा के लिये खुद को एकांतवास में रहना होगा। यही उनके और परिवार के लिये सही होगा। उन्होने कहा कि लखनऊ सोमवार से पहले तक कोरोना पाजीटिव मामलों से मुक्त हो चुका था। ऐसा इसलिये संभव हुआ क्योंकि सरकार द्वारा सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन किया गया। लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर 22 मार्च को जनता कयूं का अक्षरश- पालन किया जबकि अगले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जिलों में लाकडाउन की घोषणा की जिसके बाद प्रधानमंत्री थाका जा सके लाभ ने देश भर में लाकडाउन कर दियाउन्होने कहा इस लाकडाउन का मकसद लोगों के बीच खाई पैदा करना था ताकि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके लेकिन बालीवुड गायिका कनिका कपूर ने सरकार की मुश्किलों में इजाफा किया। यह तो गनीमत रही कि गायिका के संपर्क में आये हुये लोगों में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुयी। हमें लाकडाउन की अवधि तक खुद को संयमित और अनुशासित रखना होगा, तभी हम खुद को और देश को बड़ी मुसीबत से बचा सकते हैं। डा भट्ट ने कहा कि आज कई स्वयंसेवी संगठन और निजी रूप से लोगबाग सरकार द्वारा घोषित लाकडाउन का पालन करने के लिये लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लोगों को सफाई के फायदे और सैनीटाइजेशन के बारे में बताया जा रहा है। इसके बावजूद नोएडा और मेरठ में मिले कोरोना पाजीटिव से प्रदेश में चिंता का माहौल बना है। उन्होने कहा कि नोएडा संक्रमण का बड़ा केन्द्र बनकर उभरा है।